
- ग्राम नादिया के आदिवासी बस्ती में आयोजित किया गया विधिक जागरूकता कार्यक्रम
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश अनुसार एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष श्रीमती परिणाम प्रयास के मार्गदर्शन में आज दिनांक 16-4-2026 को ग्रामीण स्वावलंबन समिति के दौरान जीवदया फाउंडेशन के द्वारा ग्राम नादिया की आदिवासी बस्ती में कार्यक्रम आयोजिक किया गया जो सचिव राजकुमार जी द्वारा सभी महिलाओं एंव बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में बताया और आशा योजना बाल विवाह एवं मुक्ति करने के संबध में एवं दहेज प्रति शहर अधिनियम के संबंध में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में श्रीमती सुनीता गोयल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकारण एवं टीकमगढ़ एवं श्री अनुज कुमार चौरसिया जिला विधिक सहायता अधिकारी टीकमगढ़ द्वारा नालसा की आशा योजना एवं बाल विवाह मुक्त करने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसी लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले अथवा लड़का की शादी 21 साल की उम्र की से पहले करना बाल विवाह कहलाता है जो की दंडनीय अपराध है बाल विवाह बच्चों की शिक्षा स्वास्थ्य और संरक्षण पर नकारात्मक प्रभाव डालता है साथ ही प्रथा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दहेज प्रथा भारत में एक सामाजिक बुराई है जिसमें वर पक्ष द्वारा लड़की के परिवार से शादी के समय धन या सामान्य या संपत्ति की अनुचित मांग की जाती है यह प्रथा समाज के लिए गंभीर खतरा बन गई है दहेज न मिलने पर लड़कियों के साथ हिंसा औरत उत्पीिड़न की घटनाएं बढ़ जाती है इसके कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है और समाज में असमानता फैलती है । इस अवसर पर गर्मियों से बचाव के लिए ग्रामीण महिलाओं को जूते – चप्पल एवं साड़ियां तथा बच्चों को दूध एवं बिस्किट ग्रामीण स्वालंबन समिति एंव जीवदया फाउडेशन के सहयोग से उपलब्ध कराया गया जिसमें ग्रामीण स्वावलंबन समिति के सचिव श्री राजकुमार अहिरवार जिला समन्वधयक महेश बंशकार सुरेन्द्र
कुमार कार्यकर्ता लक्ष्मी रैकवार, लखन अहिरवार और महिला एवं बच्चे उपस्थित रहे

